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Gayatri Mahamantra Jap: 2026

Date: 03-Jan-2026
कार्यक्रम का शुभारंभ 23 जनवरी 2026, बसंत पंचमी के पावन अवसर पर होगा।
कुल प्रतिभागियों की संख्या 21 + 21 = 42 होगी।

स्थान :
A. भगवती धाम – 21 बालिकाएँ
B. मेरा निवास स्थान – 21 बालिकाएँ
कुल अवधि : प्रथम बैच में 24 सप्ताह।

समय : प्रत्येक रविवार दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक।

पात्रता :
A. कोई भी बालिका या बालक जो गायत्री महामंत्र एवं दुर्गा भगवती बीज मंत्र का सही उच्चारण कर सके।
B. प्रतिभागी का सनातन हिंदू धर्म में आस्था होना अनिवार्य है।
C. किसी भी प्रकार के नशे या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का सेवन निषिद्ध है।
D. अनुष्ठान अवधि में मांसाहार पूर्णतः वर्जित है। यदि कोई इसका सेवन करता है तो उसे कार्यक्रम छोड़ना होगा।
E. प्रतिदिन अनुष्ठान से पूर्व स्नान अनिवार्य है।

कार्यक्रम में सम्मिलित गतिविधियाँ :
A. गायत्री महामंत्र – 11 माला।
B. माँ भगवती बीज मंत्र – 9 माला।
C. जप के पश्चात गणेश जी, विष्णु जी एवं भगवती देवी की आरती।
D. 11 बार गायत्री महामंत्र लेखन।

दक्षिणा / सामग्री :
A. प्रति रविवार ₹100 (कुल ₹2400 – 24 सप्ताह के लिए)।
B. प्रत्येक प्रतिभागी को एक सेट वस्त्र।
C. एक सिलाई मशीन।
D. एक सिंगल बेड कंबल।
E. एक लेखन कॉपी।
F. एक जप माला सेट।
G. एक माला।
H. एक आसन।

दैनिक प्रसाद – व्यवस्था अनुसार।
प्रत्येक स्थान पर एक पर्यवेक्षक एवं एक सहायक नियुक्त रहेगा।
पर्यवेक्षक को प्रति रविवार ₹300 तथा सहायक को ₹200 मानदेय दिया जाएगा।
पर्यवेक्षक एवं सहायक को भी प्रतिभागियों को दी जाने वाली सभी सामग्री प्रदान की जाएगी।
24वें रविवार को हवन एवं कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा।

अनुष्ठान पूर्ण होने पर, अनुष्ठान में प्रयुक्त सामग्री को छोड़कर, शेष सभी वस्तुओं का वितरण डॉ. सुधाकर सिंह द्वारा किया जाएगा।
यह अनुष्ठान हमारे ग्रामवासियों, समाज, मानवता एवं सनातन धर्म के कल्याण हेतु आयोजित किया जा रहा है।
देव राज उपाध्याय कार्यक्रम के दोनों स्थलों के समन्वयक होंगे, जो विजय तिवारी एवं ज्ञान चंद्र पांडेय के मार्गदर्शन में कार्य करेंगे।

अनुष्ठान के पश्चात सभी प्रतिभागी (समन्वयक सहित) एक महुआ का पौधा लगाएंगे। यदि पौधा स्वस्थ एवं जीवित रहता है, तो पौधारोपण करने वाले को 12 माह तक प्रति माह ₹100 प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

धन्यवाद एवं सादर
रमेश द्विवेदी